Mumbai News: आरोपी के पास से नोट छापने की मशीन की गई थी जब्त, जमानत देने से इनकार

आरोपी के पास से नोट छापने की मशीन की गई थी जब्त, जमानत देने से इनकार
  • जाली नोट के साथ पांच आरोपी किए गए थे गिरफ्तार
  • भारतीय चलन के 65 लाख की जाली पकड़े जाने के मामले में आरोपी को जमानत देने से किया इनकार

Mumbai News. बॉम्बे हाई कोर्ट ने भारतीय चलन के 65 लाख रुपए की जाली के मामले में आरोपी रमेश हनमंत सावलतोत की अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता के पास से नोट छापने की मशीन जब्त की गई थी। इस मामले के सात आरोपियों में से पांच को गिरफ्तार किया गया है। जबकि एक आरोपी फरार है।

न्यायमूर्ति राजेश पाटिल की एकलपीठ ने आरोपी रमेश हनमंत सावलतोत की अग्रिम जमानत याचिका पर कहा कि हमें सीबीआई के इस दलील में दम लगता है कि धारा 438 के तहत अनुकूल आदेश प्राप्त संदिग्ध से हिरासत में पूछताछ अधिक खुलासा करने वाली है। इस तरह के मामले में संदिग्ध व्यक्ति से प्रभावी पूछताछ कई उपयोगी सूचनाओं और सामग्रियों को उजागर करने में सहायक होती है, जिन्हें छिपाया गया होता है। अगर संदिग्ध व्यक्ति को पता हो कि पूछताछ के दौरान उसे सुरक्षा मिली हुई है और उसे अग्रिम जमानत मिल गई है। ऐसी स्थिति में पूछताछ महज रस्म बनकर रह जाती है। पीठ ने यह भी कहा कि यह दलील स्वीकार करने योग्य नहीं है कि हिरासत में पूछताछ में व्यक्ति पर थर्ड डिग्री के तरीकों का इस्तेमाल किए जाने का खतरा होता है।

याचिकाकर्ता के वकील राजेश रंगलानी ने दलील दी कि याचिकाकर्ता का अपराध में कोई भूमिका नहीं है। उसे केवल संदिग्ध के आधार पर फंसाया गया है। जांच पूरी हो गई है। इसलिए याचिकाकर्ता से हिरासत में पूछताछ आवश्यक नहीं है। जबकि सरकारी वकील एस.डी. गिरमकर ने कहा कि सह-अभियुक्त ने याचिकाकर्ता का नाम उस व्यक्ति के रूप में बताया है, जिसने नकली नोट छापने की मशीन खरीदी है। सीडीआर से भी यह पता चला है कि याचिकाकर्ता लगातार आरोपी हीरामणि के संपर्क में था।

क्या है पूरा मामला

पुलिस ने कार को पकड़ा, तो उन्होंने पाया कि चालक के पास से नकदी बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने सह-आरोपी के घर पर छापा मारा, जहां से अल्ट्रा वायलेट मशीन बरामद हुई। आरोपियों के पास से नकली नोट बरामद हुई। सोलापुर के टेम्भुरनी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 178, 180, 181, 3(5) के अंतर्गत सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने इस मामले में 7 आरोपियों में से पांच को गिरफ्तार किया और वे सलाखों के पीछे हैं। जबकि एक आरोपी फरार है। जबकि याचिकाकर्ता ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बार्शी सत्र न्यायालय में याचिका दायर किया। सत्र न्यायालय ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका 14 फरवरी 2025 को खारिज कर दी। इसके बाद उसने हाई कोर्ट में सत्र न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए अग्रिम जमानत का अनुरोध किया।

Created On :   27 March 2025 8:55 PM IST

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