Mumbai News: नांदेड समेत दो सरकारी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे और हालात की जांच के लिए समिति गठित

नांदेड समेत दो सरकारी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे और हालात की जांच के लिए समिति गठित
  • अदालत ने समिति को दो महीने में रिपोर्ट सौंपने का दिया निर्देश
  • 16 जून को स्वत: संज्ञान याचिका पर अगली सुनवाई

Mumbai News. बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ और छत्रपति संभाजी नगर जिलों में 2023 में सरकारी अस्पतालों में हुई मौतों के दो मामलों को गंभीर करार दिया। अदालत ने सरकारी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे और वहां के मरीजों के हालात की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की। अदालत ने कहा कि हम समिति से अनुरोध करते हैं कि वह दोनों अस्पतालों का दौरा करे और बुनियादी ढांचे और चिकित्सा सुविधाओं पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करे। इस मामले की अगली सुनवाई 16 जून को रखी गई है। मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति एम.एस.कार्णिक की पीठ ने स्वत: संज्ञान (सुमोटो) याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि समिति ऐसे उपाय सुझाएगी, जिससे ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। 2023 में नांदेड़ और छत्रपति संभाजी नगर जिलों के सरकारी अस्पतालों में हुई मरीजों की मौतों पर चिंता जताई गई है। अक्टूबर 2023 में नांदेड़ सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कुछ दिनों के अंतराल में 16 शिशुओं सहित 31 मरीजों की मौत हो गई थी। छत्रपति संभाजी नगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 2 से 3 अक्टूबर 2023 के बीच शिशुओं सहित 18 मरीजों की मृत्यु हो गई। सरकार ने पहले अदालत को बताया था कि अस्पतालों की ओर से कोई बड़ी लापरवाही नहीं दिखती है, क्योंकि वे निजी अस्पतालों और छोटे क्लीनिकों से आने वाले अत्यधिक गंभीर रोगियों के कारण हुआ। पीठ ने कहा कि बेहतर होगा कि चिकित्सा विशेषज्ञों की एक टीम अस्पताल की स्थिति और मरीजों के हालात का अध्ययन करे।

पीठ ने कहा कि यह मुद्दा गंभीर है। हम नहीं चाहते कि यह फिर से हो। इसलिए कुछ अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय किए जाने की आवश्यकता है। पीठ ने एक समिति गठित की, जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के सचिव, स्वास्थ्य विज्ञान और चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक, मुंबई के सरकारी जे.जे.अस्पताल, नांदेड़ और छत्रपति संभाजी नगर जिलों के मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के डीन शामिल हैं। पीठ ने कहा कि समिति दो महीने में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसमें अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय सुझाए जाएंगे, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

Created On :   27 March 2025 7:15 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story