Mumbai News: बीड पहुंचे अजित ने कार्यकर्ताओं से कहा - चाचा की कृपा से सब कुछ अच्छा चल रहा है

बीड पहुंचे अजित ने कार्यकर्ताओं से कहा - चाचा की कृपा से सब कुछ अच्छा चल रहा है
  • मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद धनंजय मुंडे अजित पवार के संपर्क में नहीं
  • बीड पहुंचे अजित ने कार्यकर्ताओं से की मुलाकात

Mumbai News. राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं राकांपा (अजित) प्रमुख अजित पवार बुधवार को बीड पहुंचे जहां उन्होंने विकास कार्यों की जिले के पालकमंत्री होने के नाते समीक्षा बैठक की। इस बैठक के बाद अजित ने कहा कि मैं अपने सभी कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि कोई भी मेरे पैर न छुए। क्योंकि मेरे माता-पिता और चाचा की कृपा से सब कुछ अच्छा चल रहा है। अजित पवार का यह इशारा उनके चाचा शरद पवार की ओर था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अजित ने सही कहा है। बड़ों से आशीर्वाद लेना चाहिए। फडणवीस ने कहा कि लेकिन चाचा ने उन्हें अपने आशीर्वाद के लिए सीमित कर रखा है।

बीड में विकास कार्यों की समीक्षा करने पहुंचे अजित पवार ने अधिकारियों को चाक चौबंद व्यवस्था नहीं होने पर खूब खरी खोटी सुनाई। दरअसल जैसे ही अजित का हेलीकॉप्टर बीड में उतरा तो पार्टी के कई कार्यकर्ता हेलीकॉप्टर के पास तक पहुंच गए। जिस पर नाराजगी जताते हुए अजित ने पुलिस अधीक्षक को जमकर फटकार लगाई। इसके बाद कार्यक्रम में पहुंचे अजित ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि आप लोग मेरा अभिवादन स्वीकार करें, मैं आपका अभिवादन स्वीकार करता हूं। लेकिन आप मेरे पैर न छुएं। उन्होंने कहा कि आपको अपने माता-पिता के चरण स्पर्श करने चाहिए। वैसे मेरे माता-पिता और चाचा की कृपा से सब कुछ अच्छा चल रहा है। अजित ने कहा कि आपको पार्टी ने जिस काम के लिए जिम्मेदारी दी है, उसका परिणाम देना है।

अजित द्वारा शरद पवार पर दिए बयान पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि चाचा ने अब मर्यादा बना रखी है। उन्होंने कहा कि अजित ने जो कहा है, वह सच ही कहा है। हर किसी को बड़ों से आशीर्वाद लेना चाहिए। लेकिन चाचा ने अपना आशीर्वाद अब सीमित कर दिया है। इस बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए।

इस्तीफे के बाद से मुंडे की अजित से नहीं हुई है मुलाकात

कुछ दिन पहले ही खत्म हुए विधानमंडल के बजट सत्र के दूसरे दिन ही धनंजय मुंडे को उनके ऊपर लगे आरोपों के चलते मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ गया था। अब खबर है कि इस्तीफा देने के बाद धनंजय मुंडे और अजित पवार की अभी तक कोई मुलाकात नहीं हुई है। सूत्रों का कहना है कि मुंडे जांच होने तक मंत्री पद नहीं छोड़ना चाह रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री के दबाव के बाद अजित को उनका इस्तीफा लेना पड़ा। यही कारण है कि धनंजय अजित से नाराज बताए जा रहे हैं। बुधवार को जब अजित बीड पहुंचे तो मुंडे स्थानीय विधायक होने के बावजूद बैठक में शामिल नहीं हुए। मीडिया में मामला उठता देख धनंजय मुंडे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा कि उनकी तबीयत खराब है। इसलिए वह बैठक में शामिल नहीं हुए

Created On :   2 April 2025 9:32 PM IST

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