Jabalpur News: जिस वेयर हाउस में रखा 2 हजार क्विंटल घुना गेहूं उसे ही बना दिया केन्द्र

जिस वेयर हाउस में रखा 2 हजार क्विंटल घुना गेहूं उसे ही बना दिया केन्द्र
  • कलेक्टर को की शिकायत, नियम कहते हैं कि जिस गोदाम में घुना या कीट वाला गेहूं रखा हो उसे केन्द्र न बनाया जाए
  • डीएम का कहना- बदला जाएगा केन्द्र
  • वेयर हाउसिंग काॅर्पोरेशन के ब्रांच मैनेजर ने जो सूची भेजी थी उसके अनुसार ही केन्द्र बनाए गए हैं।

Jabalpur News: धान उपार्जन में भ्रष्टाचार के मामले अभी तक उजागर हो ही रहे हैं, ऐसे में अब गेहूं के लिए उपार्जन केन्द्र बनाने में भी घोर लापरवाही सामने आ रही है। एक ऐसे वेयर हाउस को उपार्जन केन्द्र बना दिया गया, जिसमें 2350 क्विंटल सड़ा और कीड़ों वाला गेहूं रखा हुआ है। मामला तब सामने आया जब वेयर हाउसों की आपसी प्रतिद्वंद्विता में एक दूसरे वेयर हाउस संचालक ने इस मामले की शिकायत कलेक्टर से की। इसके बाद अधिकारियों में हड़कम्प मचा है और सभी एक दूसरे पर गेंद उछाल रहे हैं।

हालांकि वेयर हाउसिंग के डीएम का कहना है कि केन्द्र को बदला जाएगा। 15 मार्च से गेहूं की खरीदी की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी, लेकिन अप्रैल का प्रथम सप्ताह हो गया है और अभी केन्द्र बनाने की प्रक्रिया ही चल रही है उसमें भी गड़बड़ी सामने आ गई। पाटन तहसील के अंतर्गत आने वाले करारी के एक वेयर हाउस संचालक ने कलेक्टर दीपक सक्सेना को भेजी शिकायत में आरोप लगाया कि क्षेत्र में उसका वेयर हाउस है, जिसे केन्द्र नहीं बनाया गया जबकि गोपी वेयर हाउस को केन्द्र बना दिया गया जबकि ब्रांच मैनेजर द्वारा दी गई सूची में उल्लेख है कि गोपी वेयर हाउस में वर्ष 2020-21 का 2350 मीट्रिक टन कीट ग्रस्त गेहूं रखा है।

ऐसे में जब इस वेयर हाउस में इस वर्ष की खरीदी का नया गेहूं रखा जाएगा तो उसमें भी कीड़े लग जाएंगे और पूरा गेहूं खराब हो जाएगा। इस शिकायत के बाद अब मामले में जमकर बवाल मचा हुआ है।

पूरे केन्द्र भी नहीं बने मौसम से परेशानी

गेहूं उपार्जन में भारी लेटलतीफी चल रही है। अभी तक पूरे केन्द्र भी नहीं बनाए गए हैं और मंडी में गेहूं बिकने पहुंचने लगा है। ऐसे में मौसम ने भी किसानों की परीक्षा लेनी शुरू कर दी है। जिन किसानों ने गहाई करा ली है वे बिना इंतजार और थोड़ा नुकसान सहकर मंडी में ही अपनी फसल बेच रहे हैं।

वेयर हाउसिंग काॅर्पोरेशन के ब्रांच मैनेजर ने जो सूची भेजी थी उसके अनुसार ही केन्द्र बनाए गए हैं। उन्होंने जो नाम सुझाए थे उसी से केन्द्र तय हुआ है। कहीं गड़बड़ी हुई है तो जानकारी ली जाएगी।

-नुजहत बानो बकाई, जिला आपूर्ति नियंत्रक

जिला आपूर्ति नियंत्रक अवकाश पर हैं, उनके आते ही इस गलती काे सुधारा जाएगा। ब्रांच मैनेजर ने जो सूची भेजी थी उसमें साइड में लिखा है कि कीटग्रस्त गेहूं पहले से भंडारित है। उसके बाद भी केन्द्र बना दिया गया जो कि गलती है, इसे बदला जाएगा।

-सखाराम निमोदा, जिला प्रबंधक वेयर हाउसिंग काॅर्पोरेशन

Created On :   3 April 2025 7:01 PM IST

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