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Chhindwara News: कलेक्टर से मिले कांग्रेस पार्षद, महापौर ने अध्यक्ष से कार्यवृत्त जारी करने की मांग

- कलेक्टर से मिले कांग्रेस पार्षद
- महापौर ने अध्यक्ष से कार्यवृत्त जारी करने की मांग
Chhindwara News: परिषद की बैठक में हुए हंगामे के बाद जलकर और संपत्तिकर के प्रस्ताव पर सस्पेंस बना हुआ है। मंगलवार से संपत्तिकर 10 प्रतिशत और जलकर 85 रुपए बढऩा था, लेकिन परिषद की बैठक में हंगामे के बाद अफसर भी बेकफुट में है। इस बीच मंगलवार को कांग्रेस पार्षदों ने कलेक्टर शीलेंद्र सिंह के समक्ष पूरा मामला रखते हुए परिषद में घटित घटनाक्रम से अवगत कराया। वहीं महापौर विक्रम अहके ने अध्यक्ष को पत्र लिखते हुए परिषद की बैठक का कार्यवृत्त यथाशीघ्र देने की मांग की है।
कांग्रेस पार्षदों के साथ कलेक्टर से मिलने पहुंचे नगर निगम अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनू मागो ने बताया कि विधिक प्रक्रिया के प्रतिकूल जनहित की अनदेखी करते हुए भाजपा पार्षदों ने प्रस्ताव पर कोई सहमति नहीं ली। बैठक पूरी होती उसके पहले ही भाजपा ने प्रस्तावों पर सहमति जता दी, जबकि प्रस्ताव परिषद के समक्ष रखे ही नहीं गए थे। वॉक आउट किए जाने के संपत्तिकर और जलकर बढ़ोतरी जैसे जनता से जुड़े मुद्दे पर कोई बहस नहीं हुई और जनता पर करों का बोझ डालने की कोशिश की जा रही है। भाजपा पार्षद दिवाकर सदारंग द्वारा विधिक प्रक्रिया की अनदेखी की गई है। कलेक्टर से मिलने पहुंचे कांग्रेस पार्षदों में नेता प्रतिपक्ष हंसा दाढ़े, आकाश मोखलगाय, तरूण कराड़े, श्रद्धा माहोरे सहित अन्य पार्षद गण मौजूद थे।
महापौर का अध्यक्ष को पत्र
मंगलवार को महापौर विक्रम अहके ने अध्यक्ष को पत्र लिखते हुए कहा कि 28 मार्च को हुई बैठक में सर्व सम्मति से सभी बिंदुओं को बहुमत से पारित कर दिया गया है। वर्तमान में वित्तीय वर्ष प्रारंभ हो चुका है। संपन्न परिषद की बैठक में कार्यवृत्त अध्यक्ष द्वारा यथाशीघ्र जारी किया जाए।
इस विवाद का असर क्या....
इस विवाद से 1 अप्रैल से लागू होने वाला जलकर और संपत्तिकर उलझ गया है। नियमानुसार 1 अप्रैल से बढ़े हुए जलकर और संपत्तिकर के मुताबिक टैक्स कलेक्शन शुरु करना था, लेकिन अधिकारी असमंजस में है। वे कोई निर्णय नहीं ले पा रहे है।
दिन भर चली हलचल
तीन दिन के अवकाश के बाद परिषद की बैठक में हुए हंगामे की गूंज मंगलवार को भी निगम में थी। अधिकारी इस विवाद का तोड़ निकालने में लगे हुए थे। उनके साथ भाजपा के चुनिंदा पार्षद भी अपना दिमाग लगा रहे थे। अधिकारी पूरा मामला उपायुक्त के सर पर डालने की कोशिश में लगे थे।
Created On :   2 April 2025 6:22 PM IST