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Chandrapur News: सीडीसीसी बैंक के भ्रष्टाचार और साइबर अटैक की एसआईटी करेगी जांच

- बैंक के खाते हैक कर 33 ग्राहकों के 3 करोड़, 70 लाख 64 हजार रुपए एक अज्ञात व्यक्ति ने हरियाणा के खाते में डाले
- विधायक मुनगंटीवार के सवाल पर विस में गृहराज्यमंत्री भोयर ने कहा, मामले की विस्तृत जांच की जाएगी
Chandrapur News चंद्रपुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक (सीडीसीसी) के साइबर अटैक व बैंक भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार मामले की एसआईटी जांच की जाएगी। यह जानकारी गृह राज्यमंत्री डा. पंकज भोयर ने सोमवार को विधानसभा सदन में दी। राज्य के पूर्व मंत्री व विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने मुंबई में चल रहे विधानसभा बजट सत्र में ध्यानाकर्षण (लक्षवेधी) के माध्यम से चंद्रपुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के भ्रष्टाचार का मुद्दा उपस्थित किया था। चंद्रपुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के खाते हैक कर 33 ग्राहकों के 3 करोड़, 70 लाख 64 हजार रुपए एक अज्ञात व्यक्ति ने हरियाणा के खाते में डाले।
इस संदर्भ में मुनगंटीवार ने पूछे सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्यमंत्री ने कहा कि, इस मामले में विस्तृत जांच होगी तथा विधायक मुनगंटीवार के सूचना के अनुसार मुख्यमंत्री की अनुमति से यह जांच लगाई जाएगी, ऐसा भी उन्होंने कहा। इसके पूर्व उक्त भ्रष्टाचार मामले में मुनगंटीवार ने आरक्षण बचाव संघर्ष कृति समिति के साथ राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। सोमवार को सभागृह में मुनगंटीवार ने कहा कि, चंद्रपुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक में भ्रष्टाचार इतने बड़े पैमाने पर बढ़ा है कि उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। ग्राहकों के खातों से पैसे गायब होते है। बैंक भर्ती प्रक्रिया में पैसे खाये जाते है। आरक्षण को हटाया जाता है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं होती। 17 मार्च, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है।
उसके अनुसार जिन खाताधारकों की गलती नहीं होने के बावजूद अगर उनके पैसे निकाल लिए जाते होंगे, ो बैंक ने उनके पैसे भरकर देने चाहिए। इस तरह पैसे नहीं ले सकते, इसके लिए फायर वॉल नहीं किया गया। पूर्ण गलती बैंक के भ्रष्ट अधिकारी, कर्मचारी व संचालकों की है। इससे सीडीसीसी बैंक में भ्रष्टाचार कितने नीचे तक गया है, इसकी कल्पना नहीं कर सकते। मुनगंटीवार ने आगे कहा कि, आज संविधान पर चर्चा करने वाले है। जबकि संविधान, न्यायालय व सरकार ने बताया कि, आरक्षण होना चाहिए, परंतु चंद्रपुर जिला बैंक में आरक्षण हटाने का कारनामा संचालक मंडल ने किया है। दिव्यांग, महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति का आरक्षण होना चाहिए। परंतु इनमें से किसी को भी आरक्षण नहीं दिया गया। जो नौकरभर्ती की गई, उसमें आर्थिक व्यवहार हुआ है, ऐसी जानकारी मिली है। परीक्षा केंद्र पर हंगामा हुआ। पैसे लेकर नौकर भर्ती करने से कुछ संगठनों ने अनशन भी किया। इसके बाद भी भ्रष्ट लोगों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। जिससे इस मामले में एसआईटी द्वारा जांच की मांग की गई है।
Created On :   26 March 2025 3:31 PM IST