Bhandara News: कैमरे में तो कैद हुआ लेकिन वन विभाग की पकड़ में नहीं आया आदमखोर बाघ

कैमरे में तो कैद हुआ लेकिन वन विभाग की पकड़ में नहीं आया आदमखोर बाघ
  • बाघ को पकड़ने चार जिलों की टीम ने डाला डेरा
  • तीन मचान बनाकर शार्प शूटर नियुक्त

Bhandara News तहसील के खैरी पट परिसर में 31 मार्च को बाघ के हमले में एक किसान की मृत्यु हुई थी। उसके बाद 1 अप्रैल को लाखांदुर तहसील में बाघ प्रतिबंधित क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाए गए। साथ ही तीन मचान बनाकर शार्प शूटर नियुक्त किए गए।

मक्के की फसल में जहां घटना हुई थी उस परिसर में लगाए गए ट्रैप कैमरे में बाघ कैद हुआ। किंतु बाघ को पकड़ने में वन विभाग को अब तक सफलता नहीं मिली है। तहसील में घोषित संचारबंदी लग चुकी है। आदमखोर बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने चार जिलों के करीब डेढ़ सौ से ज्यादा कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। लाखांदुर के खैरीपट, टेमभरी, विहीरगाव, डांभेविरली, सावरगाव वन परिसर में वन विभाग ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। 31 मार्च को खैरी/ पट में डाकराम देशमुख इस किसान कर मृत्यु के बाद वनविभाग एक्शन मोड पर आ चुका है।

भंडारा वन विभाग ने गोंदिया, गड़चिरोली, चंद्रपूर, नागपुर जिले के वनकर्मियों को बुलाकर उन्हें तैनात किया गया है। तहसील के चौरास परिसर में मक्के एवं धान को पानी देने के लिए किसानों को खेत पर जाना पड़ता है। ऐसे में जान गंवाने के डर से नागरिकों ने खेत परिसर में जाना बंद कर दिया है। लाखांदुर के साप्ताहिक बाजार में भी लोग 1 अप्रैल से शाम 6 बजे गायब हो रहे हैं।

धान और मक्के की फसल संकट में : खैरी/पट में अंदाजन सौ एकड़ परिसर में मक्के की फसल लगाई गई है। ग्रीष्मकालीन धान करीब 31 गांवों में लगाया गया है। बाघ मक्के की फसल से दिखाई नहीं देता, इसलिए खैरी / पटके किसानों के साथ खेत में जाते समय वन विभाग के दो कर्मचारी जा रहे है। किंतु फिर भी कृषि पंप के लिए रात में बिजली आपूर्ति शुरू रहने से धान एवं मक्के की फसलें खतरे में हैं।

Created On :   3 April 2025 2:51 PM IST

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