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Bhandara News: भंडारा के जलाशयों में घट रहा जलस्तर, बढ़ रहा जलसंकट

- कुएं-तालाब सहित सूखने लगे जलस्रोत
- जनजीवन पर पड़ रहा असर
Bhandara News जलाशय के संगोपन के लिए शासन द्वारा विविध योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपए खर्च किए जाते है। लेकिन कई बार विकास काम के चलते यह जलाशय संकट में आ जाते हैं। ऐसा मामला शहर के खाम तालाब को लेकर देखा जाता है। तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए यहां से पानी निकाला गया है। जबकि पहले इस तालाब में लाखों लीटर पानी रहता था। यह तालाब सूखने से परिसर के कुएं, बोरवेल भी सूखने लगी है। जिससे परिसर में जलसंकट फैलने लगा है। शहरवासियों को जल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि शहर के केंद्र स्थान पर स्थित खामतालाब पहले संपूर्ण वर्ष पानी से भरा रहता था। आसपास अतिक्रमण भी नहीं था। सीमेंट की बड़ी दीवारें नहीं थी तो बारिश का पानी भी तालाब में जमा हो जाता था। पर पिछले तीन वर्षों खाम तालाब का सौंदर्यीकरण शुरू है। जिससे तालाब परिसर पूरी तरह से बदल चुका है। परिसर में बनी सिमेंट की दीवारों से तालाब में पानी नहीं जाता।
सौंदर्यीकरण के लिए तालाब सूखा रखा गया है। मानसून खत्म हो गया लेकिन तालाब में पानी संग्रहित नहीं हो सका। जबकि दशकों से खाम तालाब आसपास के क्षेत्र का जलस्तर बढाने के लिए कारगर साबित होता है। परिसर के बोरवेल, कुएं पानी से लबालब थे। वर्तमान में मुखर्जी वार्ड, रविंद्रनाथ टागोर वार्ड, नरसेकरी वार्ड, टागोर वार्ड में जलस्तर घट गया है। बोरवेल व कुएं मार्च माह में ही सूख गए हैं। परिणामवश नागरिकों को जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है।
अनियमित जलापूर्ति : शहर में नगर परिषद द्वारा अपर्याप्त व अनियमित पेयजल की जलापूर्ति की जाती है। ऐसी स्थिति में जलस्तर घटने से नागरिकों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। सौंदर्यीकरण करके तालाब में जलसंग्रहण किया गया तो जल किल्लत से बचा जा सकता है।
Created On :   29 March 2025 3:20 PM IST