danik bhaskar
Monday, 20 February, 2017
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नई दिल्ली : आतंकवादियों के द्वारा जेलब्रेक कर भागने और निहत्थे रहते हुए किए गए एनकाउंटर में हुई उनकी मौत की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को विपक्षी दलों पर आतंकवाद का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। इस मुद्दे पर अब NHRC ने भी राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। पुलिस और सरकार दोनों ही कह चुके हैं कि जेल से भागते वक्त कैदियों के पास हथियारों के रूप में सिर्फ चम्मच थे, लेकिन जिस गांव में वे छिपे हुए मिले, वहां उनके पास से चार देसी कट्टे बरामद किए गए हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को सवाल करते हुए कहा था, "विपक्षी दल शहीदों के बारे में बात क्यों नहीं करते...' मुख्यमंत्री ने कहा "जिन पर आतंकवाद से जुड़े मामलों में सुनवाई चलती है, उन्हें सज़ा मिलने में सालों लग जाते हैं... सालों तक उन्हें जेल में चिकन बिरयानी खिलाई जाती है... फिर वे भाग जाते हैं, और हमले करते हैं... हमें आतंकवाद से जुड़े मामलों में भी फास्ट-ट्रैक कोर्ट की ज़रूरत है।'

इस घटना में पहले ही एमपी के होम मिनिस्टर भूपेंद्र सिंह और मंत्री कुसुम मेहदेले जेल के भीतर और बाहर किसी "अंदरूनी मदद' और "बड़े नेटवर्क' की बात दोहरा चुकी हैं। मंत्री मेहदेले ने कहा "उस दिन कई सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे, जबकि आतंकवादी जेल की उस कड़ी सुरक्षा वाले हिस्से में थे, जहां सिमी के लगभग 30 कैदियों को रखा गया था।' जेल अधिकारियों का दावा है कि लगभग 30 फुट ऊंची दीवार को फांदने के लिए सिमी सदस्यों ने चादरों का इस्तेमाल किया, और दरवाज़ों पर लगे तालों को टूथब्रश से बनाई चाबियों से खोला। इन्हीं दावों पर सिमी सदस्यों के वकील परवेज आलम सहित बहुत से लोगों ने सवालिया निशान खड़े किए हैं।

वहीं मध्य प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि नैशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी सिर्फ जेलब्रेक की घटना की जांच करेगी, कैदियों के मारे जाने की नहीं। राज्य के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि कैदियों के मारे जाने की जांच मध्य प्रदेश पुलिस की स्पेशल टीम करेगी। गृहमंत्री ने कहा, "अगर इस तरह के आतंकवादी भागने में कामयाब हो गए होते, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा होता...। मध्य प्रदेश पुलिस ने बहुत कम समय में उन्हें खोजकर मार गिराया...'।

सिमी(STUDENTS ISLAMIC MOVEMENT OF INDIA) पर देश में कई जगह आतंकवादी हमले करने का आरोप है, और उसके तालुल्कात पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों से भी सिद्ध हो चुके हैं। सिमी पर अमेरिका में हुए 9/11 हमले के बाद से प्रतिबंध लगा दिया गया था।

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