danik bhaskar
Monday, 23 January, 2017
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नागपुर। उद्यान व शाला के लिए आरक्षित जयताला की 22 एकड़ जगह का आरक्षण दो साल पहले रद्द हो गया है, किन्तु मनपा को खबर तक नहीं लगी। आरक्षण खत्म होने के दो साल बाद मनपा की नींद खुली। मनपा के नगर रचना विभाग ने उक्त जगह के भूसंपादन का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए स्थायी समिति को भेजा, लेकिन यह गलती ध्यान में आते ही स्थायी समिति ने इस प्रस्ताव पर अस्थायी रोक लगाते हुए इसकी प्राथमिक जांच के निर्देश दिए हैं।

आरक्षण रद्द ही माना जाएगा : जयताला में 9.24 हेक्टेयर (22.58 एकड़) जगह उद्यान और शाला के लिए आरक्षित थी। इसमें से 3.09 हेक्टेयर जगह उद्यान के लिए आरक्षित थी। मिल्कियत विनोद गुडधे पाटील के पास है। इस जगह के भूमि अधिग्रहण के लिए मनपा ने उन्हें टीडीआर लेने का प्रस्ताव दिया था, किन्तु टीडीआर खारिज करने से इस जगह के लिए 60 करोड़ 76 लाख 48 हजार 500 रुपए देने का प्रस्ताव नगर रचना विभाग ने स्थायी समिति को भेजा था। इसी तरह 2.03 हेक्टेयर जगह पर माध्यमिक शाला का आरक्षण था। यह जगह कल्पना अशोक ठाकरे की है। इस बाबत सर्वाधिकार नगरसेवक प्रफुल्ल गुडधे पाटील को दिए गए हैं। उनकी ओर से भी टीडीआर खारिज करने से नगर रचना विभाग ने 40 करोड़ 97 लाख 4 हजार 750 रुपए का प्रस्ताव तैयार किया था। एक और 4.12 हेक्टेयर जगह पर शाला का आरक्षण है। मनीष मधुकर गुडधे की मिल्कियत की यह जमीन है। इस जगह के लिए नगर रचना विभाग ने 83 करोड़ 15 लाख 19 हजार रुपए दर निश्चित किए थे। तीन जगह के लिए 184.88 करोड़ रुपए का प्रावधान करने के लिए नगर रचना विभाग ने स्थायी समिति को भेजा था। बैठक के दौरान इस प्रस्ताव पर सवाल उपस्थित किए गए। खुलासा हुआ कि दो साल पहले आरक्षण रद्द हो गया है, किन्तु मनपा द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से यह आरक्षण रद्द ही माना जाएगा।
उपसमिति गठित
बैठक में सवाल किया गया कि इस जगह का आरक्षण दो साल पहले खत्म हो गया। किन्तु मनपा प्रशासन के ध्यान में यह बात क्यों नहीं आयी। अगर उस समय यह विषय ध्यान में लाया जाता तो इसके लिए बजट में प्रावधान कर इस जगह का अधिग्रहण करने बाबत प्रक्रिया पूर्ण की जाती। किन्तु फाइल लटकाकर रखी गई। स्थायी समिति अध्यक्ष रमेश सिंगारे ने कहा कि उचित प्रस्ताव तैयार किया जाए। अगर इस विषय पर उपसमिति बनाने की जरूरत पड़ती है, तो समिति जल्द निर्णय लेगी। आरक्षण समाप्त होने के बाद भी फाइल दो साल तक लटका कर रखी गई। इस विषय का अध्ययन करने के लिए उपसमिति गठित की जाएगी। प्रकरण में प्राथमिक जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  -रमेश सिंगारे, अध्यक्ष स्थायी समिति

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