danik bhaskar
Monday, 23 January, 2017
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नागपुर.
नागपुर में विकास की जमीन तेजी से तैयार हो रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राज्य में मुंबई, पुणे के बाद नागपुर में औद्योगिक निवेश के साथ ही ढांचागत विकास को बढ़ावा मिल रहा है। जमीन व संसाधन वाजिब दर पर उपलब्ध होने से यहां अंतरराष्ट्रीय कंपनियां निवेश का रुख कर रही हैं।
रक्षा उपकरण निर्माण के लिए भी उपयुक्त माहौल है। यहां रक्षा उपकरण निर्माण के लिए रक्षा विभाग व विमान सेवा कंपनियों की परिषद दिसंबर में कराने का प्रयास सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री यह भी कहा कि पुणे में औद्योगिक विकास की नींव एजुकेशन हब पर आधारित है। नागपुर को भी सबसे पहले एजुकेशन हब के तौर पर विकसित करना होगा।
श्री फडणवीस रविवार को वर्धा मार्ग पर होटल में पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के साथ ही विदर्भ विकास के लक्ष्य को वे भूले नहीं हैं। कृषि व उद्योग क्षेत्र में विकास के लिए सरकार मिशन के तौर पर काम कर रही है। नागपुर में आईआईएम समेत सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं के माध्यम से कंपनी व उद्योग क्षेत्र के लिए मानव संसाधन तैयार किए जाएंगे। अत्याधुनिक उद्योग रोबोटिक्स आधारित होंगे। लिहाजा यहां रोबोटिक्स पाठ्यक्रम की पढ़ाई करायी जा रही है। नागपुर को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए मार्केट के तौर पर विकसित करने का प्रयास जारी है। यहां कार्गो हब को भी अत्याधुनिक तरीके से विकसित करना होगा। चीन समेत अन्य कुछ देशों में ऐसे कार्गो हब हैं, जहां कार्गों के आसपास ही बड़ी कंपनियां हैं। कार्गों परिसर में कंपनियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ब्ध कराना होगा। नागपुर मुंबई कम्युनिकेशन सुपर एक्सप्रेस की संकल्पना राज्य में विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। 800 किमी मार्ग फाइबर आप्टिक का होगा।
एक्सप्रेस वे पर सरकारी जमीनों का उपयोग होगा। खाली पड़ी जमीन पर अत्याधुनिक बाजार व रोड कार्गो होगा। आईफोन निर्माता कंपनी फाक्सकान के साथ एमओयू हुआ है। फिलहाल वह मुंबई क्षेत्र में ही निवेश करनेवाली है। उस कंपनी को अमरावती जिले के तलेगांव में लाने का भी विचार चल रहा है। पर्याप्त जमीन उपलब्ध है।
 

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