danik bhaskar
Monday, 23 January, 2017
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मुंबई .
दहेज उत्पीड़न के मामले में आरोपी राधे मां ने सोमवार को मीडिया के सामने आकर सफाई दी। कांदीवली पुलिस द्वारा समन भेजे जाने के एक दिन बाद स्वयंघोषित धर्मगुरु राधे मां ने खुद को निर्दोष बताया। पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि निक्की गुप्ता नाम की महिला ने उन पर दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। यदि ये आरोप सही साबित हो जाते हैं तो वह आत्मदाह के लिए तैयार हैं। आराेपों को निराधार बताते हुए कहा, ‘मेरी भगवान में पूरी आस्था है और वह मुझ पर अन्याय नहीं होने देगा।’ राधे मां ने शायराना अंदाज में भी अपनी बात रखी। कहा -सच्चाई छुप नहीं सकती बनावट के उसूलों से, खुशबू आ नहीं सकती कभी कागज के फूलों से। राधे मां ने कहा कि उनके भक्तों का विश्वास है कि वे चमत्कार कर सकतीं हैं लेकिन यह सच नहीं है।
रविवार को कांदीवली पुलिस ने राधे मां को समन भेजकर चार दिन में बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन आने को कहा है। निक्की गुप्ता नाम की एक महिला ने आरोप लगाया है कि राधे मां के उकसावे पर उसके ससुराल वालों ने उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया।
डेढ़ करोड़ की ठगी का भी आरोप
इस बीच राधे मां पर लगने वाले आरोपों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। धर्मरक्षक महामंच के अध्यक्ष रमेश जोशी ने कांदीवली पुलिस को राधे मां के खिलाफ एक और लिखित शिकायत दी है। इसमें राधे मां को गुजरात के कच्छ जिले स्थित अंजार तालुका के एक किसान परिवार के चार लोगों की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार बताया गया है। मामले में पहले करीब डेढ़ करोड़ की ठगी की भी बात कही गई है। घटना पिछले साल 23 मार्च की है।

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