danik bhaskar
Monday, 23 January, 2017
Updated

मुुंबई: बम्बई उच्च न्यायालय ने स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर द्वारा कोल्हापुर में उनके ‘जयप्रभा स्टूडियो’ को हेरिटेज निर्माण के घोषणा के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दी। खंडपीठ के न्यायाधीश अभय ओक ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि कोल्हापुर महानगर पालिका ने स्टूडियो को हेरिटेज स्ट्रक्चर घोषित करने की प्रक्रिया को पूरा करने में लापरवाही बरती है। इसलिए राज्य सरकार ने प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अधिकारी की नियुक्ति की। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि राज्य सरकार द्वारा अधिकारी की नियुक्ति पूरी तरह कानूनी है। दिसंबर 2012 में राज्य सरकार ने निर्माण को हेरिटेज घोषित करने के लिए आदेश जारी किया था। सुश्री मंगेशकर ने राज्य सरकार के आदेश को अदालत में चुनौती दी थी और कहा कि हेरिटेज होने के कारण स्टूडियो की मरम्मत या नवीनीकरण नहीं किया जा सकता। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि स्टूडियो को हेरिटेज घोषित करने के पहले उन्हें कोई सूचना नहीं दी गयी। सुश्री मंगेशकर ने 13 एकड़ जमीन 1959 में खरीदी थी जिसमें स्टूडियो बना हुआ है। जिसे मराठी फिल्म निर्माता भालजी पेंढारकर ने कोल्हापुर राजघराने से खरीदा था। राज घराने ने जमीन को इस शर्त पर बेचा था कि उसमें बनी इमारत को स्टूडियो के रूप में इस्तेमाल किया जायेगा। सुश्री लता के वकील ने जिरह करते हुए कहा कि कोल्हापुर महानगर पालिका ने आज तक कोल्हापुर शहर के लिए हेरिटेज रखरखाव समिति नहीं बनायी है। इस तरह की समिति पहले नियुक्ति की जाती है।

danik bhaskar