danik bhaskar
Monday, 23 January, 2017
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मुंबई : प्रदेश के अन्न व नागरिक आपूर्ति मंत्री गिरीश बापट और विभाग के सचिव दीपक कपूर के बीच टकराव ने प्रदेश में दाल का संकट और बढ़ा दिया है। बापट ने कपूर को पत्र लिखकर उनको मौजूदा संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया है। सूत्रों के मुताबिक, मंत्री व सचिव के बीच मतभेदों से मामला बिगड़ता चला गया और बाजार में कम कीमत पर दाल उपलब्ध नहीं हो सकी है। मंत्री के मुताबिक, लगातार दाल संकट पर नजर रखी जा रही है। 

मंत्री ने कहा कि दालसंकट बढ़ता देखकर मैंने व्यापारियों से बॉन्ड लेकर दाल का स्टॉक खोलने के निर्देश दिए। लेकिन नियमों की आड़ में विभाग ने इसमें देरी की। मैंने इस बारे में सचिव कपूर को पत्र भेजा है, जिसके जवाब का इंतजार है।

व्यापारियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ कोर्ट में जाने के संकेत दिए हैं। कहा है कि अगर दालों की नीलामी की गई तो प्रदेश का कोई व्यापारी नीलामी में दाल नहीं खरीदेगा। फिर सरकार कैसे इसे जनता को कम कीमतों में उपलब्ध कराएगी। जब्त दालों को नीलाम करने के फैसले से व्यापारियों में नाराजगी है। जब्त दालों की नीलामी की घोषणा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने शुक्रवार को की थी। इससे पहले ही मंत्री ने सचिव को पत्र लिख दिया। इस टकराव के बीच मुख्यमंत्री ने दाल की नीलामी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, यानी सचिव के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई।

सूत्रों के अनुसार, बापट चाहते थे कि आसान तरीके से दाल का स्टॉक छोड़ दिया जाए, ताकि बाजार में दाल जल्द उपलब्ध हो सके। लेकिन कपूर चाहते थे कि व्यापारियों से कड़ी शर्तों वाले बॉन्ड लेकर जब्त माल को छोड़ा जाए। वैसे बॉन्ड लेकर दाल छोडऩे का फैसला दीपावली से पहले (5 नवंबर) को ही कर लिया गया था, लेकिन सरकार की जटिल प्रक्रिया के कारण न तो स्टॉक छोड़ा गया और न ही जनता को राहत मिल सकी।

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