danik bhaskar
Monday, 23 January, 2017
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मुंबई: देश की जानी मानी यूनिवर्सिटी मुंबई यूनिवर्सिटी के अंतर्गत 740 से अधिक महाविद्यालय है और इसमें लाखों छात्र भी नामांकित हैं। एक RTI कार्यकर्ता द्वारा दायर याचिका में पता चला है कि इस विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजय वसंत देशमुख एलएलबी की परीक्षा में फेल हैं। यह चौंकाने वाली जानकारी खुद मुंबई यूनिवर्सिटी के परीक्षा परिणाम कक्ष, नाम पंजीकरण विभाग और पुन: मुल्यांकन विभाग से आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली ने दिनांक 18.09.2015 को मांगी थी। 

मुंबई यूनिवर्सिटी के परिक्षा परिणाम कक्ष के उपकुल सचिव ने गलगली को बताया कि संजय वसंत देशमुख ने एलएलबी के पदवी शिक्षाक्रम सत्र-1 के अक्टूबर/ नवंबर, 2014 में लिए हुए परिक्षा में आवेदन दाखिल किया था, लेकिन वे परीक्षा में बैठे नहीं थे। साथ ही में शिक्षाक्रम सत्र-2 के अप्रैल/मई, 2015 में लिए हुए परीक्षा में बैठे थे और फेल हुए हैं।

वहीं मुंबई यूनिवर्सिटी के किसी भी परीक्षा में बैठने के लिए स्थाई नाम पंजीकरण क्रमांक होना अनिवार्य होता है, लेकिन वाइस चांसलर हुए डॉ. संजय देशमुख के पास इस तरह का स्थायी नाम पंजीकरण क्रमांक भी नहीं है। मुंबई यूनिवर्सिटी के नाम पंजीकरण विभाग के उपकुलसचिव ने गलगली को बताया कि संजय वसंत देशमुख का नाम पंजीकरण प्रलंबित होने से स्थाई नाम पंजीकरण क्रमांक उपलब्ध नहीं किया जा सकता हैं। अलीबाग स्थित एड दत्ता पाटील कॉलेज ऑफ लॉ में प्रवेश लेने वाले संजय वसंत देशमुख की पात्रता प्रलंबित होने से उन्हें स्थाई नाम पंजीकरण क्रमांक जारी नहीं किया। स्थाई नाम पंजीकरण क्रमांक जारी नहीं होता है, तब तक परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाता है।

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