danik bhaskar
Monday, 23 January, 2017
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मुंबई. शीना बोरा मर्डर केस में नया ट्विस्ट आ सकता है। बीवाईएल नायर हॉस्पिटल के फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने खार पुलिस को रिपोर्ट सौंप दी है। इसके मुताबिक, हो सकता है कि 2012 में पेन से मिले अवशेष (बॉडी के पार्ट्स) और जेजे हॉस्पिटल द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट एक न हो। नायर हॉस्पिटल के एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो सैंपल्स मिले हैंस वे मिक्सड-अप हैं। हो सकता है कि वे शीना बोरा से मैच नहीं करेंगे। अगर ऐसा होता है तो क्राइम का फोरेंसिक रि-क्रिएशन कमजोर हो सकता है। बता दें कि शीना मर्डर केस में मीडिया जगत की हस्ती पीटर मुखर्जी की पत्नी इंद्राणी मुखर्जी को अरेस्ट किया गया है।
अब तक की जांच
पुलिस ने पहले ही शीना और इंद्राणी का डीएनए मैच करा लिया है। लेकिन 2012 में मिले सैंपल्स क्राइम के फोरेंसिक रि-क्रिएशन को प्रभावित कर सकते हैं। नायर हॉस्पिटल ने 26 पेज की रिपोर्ट सौंपी है। कन्फ्यूजन खत्म करने के लिए जेजे बोन्स से डीएनए प्रोफाइलिंग भी मांगी गई थी। पिछले हफ्ते खार पुलिस थाने में रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है।
क्या कहना है पेन पुलिस का?
इस बीच पेन पुलिस ने ड्यूटी में लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि शव के हिस्से मिलते ही दाहिने हाथ की हड्डी, दो दांत, जले बदन के चमड़े और बाल को जेजे हॉस्पिटल भेज दिया गया था, ताकि उम्र, जेंडर और मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। जैसे ही जांच शुरू हुई, जेजे हॉस्पिटल ऑथिरिटीज ने कहा कि 2012 में भेजे गए सैंपल्स अभी भी उनके पास हैं। 28 अगस्त को वे सैंपल्स खार पुलिस को सौंपे गए थे।

क्या कहना है डॉक्टर का?
नायर हॉस्पिटल के डॉक्टर्स का कहना है कि पेन पुलिस ने शुरुआती जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जिन सैंपल्स का जिक्र किया है, वे इससे अलग है। एक डॉक्टर के मुताबिक, जेजे हॉस्पिटल ने खार पुलिस को कई दांत, चेस्ट की हड्डी और बाल और जला हुआ चमड़ा दिया। बॉडी के इन हिस्सों का पेन पुलिस की रिपोर्ट में जिक्र नहीं है। ऐसा लगता है कि जेजे हॉस्पिटल ने 2012 या फिर 2015 में बॉडी के पार्ट लेते या खार पुलिस को रिपोर्ट देते वक्त इसके लिए कोई दस्तावेज नहीं बनाए। अब यह क्लियर हो चुका है कि हम लोग दो अलग-अलग अवशेष (बॉडी के हिस्सों) की जांच कर रहे हैं।
जेजे हॉस्पिटल का क्या कहना है?
दूसरी ओर, जेजे हॉस्पिटल के डॉक्टरों का कहना है कि पेन पुलिस ने बॉडी के जो हिस्से उन्हें सौंपे थे, वे ही खार पुलिस को सौंपे गए हैं। जेजे हॉस्पिटल के एनाटॉमी हेड डॉ. दीपक जोशी ने कहा, ''हम इस मामले को देखेंगे। फिलहाल मैं शहर से बाहर हूं।'' बता दें कि 2012 में बॉडी के हिस्से से जेजे हॉस्पिटल कुछ खास नहीं पता लगा पाया था। 2013 में हॉस्पिटल की ओर से पेन पुलिस को बताया गया था कि बॉडी के हिस्से से उम्र, जेंडर और मौत के कारण का पता लगा पाना मुमकिन नहीं है। विवादित बॉडी हिस्सों को अब डीएनए एनालिसिस के लिए कालीना के फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री में भेजा जाएगा।
पुलिस का बयान
वहीं, एक पुलिस अफसर का कहना है कि दोनों हॉस्पिटल की बोन रिपोर्ट से कन्फ्यूजन है। ऐसा संभव है कि जेजे हॉस्पिटल में हड्डियां लंबे समय तक रखी गई हों। हो सकता है कि वे दूसरे सैंपल्स के साथ मिक्स हो गई हों।
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