danik bhaskar
Thursday, 23 February, 2017
Updated

भोपाल :  मध्यप्रदेश में स्थानीय बोली(भारिया, बैगा एवं सहरिया जनजाति) में पढ़ाने वाले संविदा शिक्षक वर्ग-3 को सरकार ने डीएड पत्राचार पाठ्यक्रम के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शासन ने वर्ष 2008 में स्थानीय बोली में पढ़ाने के लिये एक अतिरिक्त संविदा शिक्षक वर्ग-3 की व्यवस्था की थी। इसमें शिक्षकों द्वारा डाइट के माध्यम से डीएड पत्राचार पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया गया था। इनमें से ऐसे शिक्षक, जिन्हें पाठ्यक्रम से पृथक किया गया हो या अन्य किसी कारण से पाठ्यक्रम पूरा नहीं किया हो, तो उन्हें स्थिति स्पष्ट करते हुए आवेदन देने की बात कही गई है। आवेदन अपर संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र को तत्काल प्रस्तुत करना होगा। 
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