danik bhaskar
Wednesday, 18 January, 2017
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उज्जैन : मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर में नववर्ष के पहले दिन श्रद्धालुओं द्वारा दिए गये दान और चढ़ौती से मंदिर प्रबंध समिति को लाखों रूपये की आय प्राप्त हुई है। भारत के 12 ज्योतिर्लिगों में प्राचीन एवं प्रमुख भगवान महाकालेश्वर मंदिर देश का एक मात्र ऐसा शिवालय है जहाँ प्रतिदिन तड़के भस्म आरती होती है। हालांकि मंदिर में प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्म आरती में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते है लेकिन शुक्रवार को नववर्ष 2016 के पहले दिन भस्म आरती में 2600 लोग शामिल हुए हैं और मंदिर समिति को प्रसाद और अन्य साधनों से 9 लाख 30 हजार रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।

अन्य साधनों में 1500 रुपये की विशेष टिकट दर्शन व्यवस्था से मंदिर समिति को 43 हजार 500 सौ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। मंदिर प्रबंध समिति की जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रतिदिन तड़के 4 बजे से रात 11 बजे शयन आरती तक खुलने वाले महाकालेश्वर मंदिर में नववर्ष के मौके पर शुक्रवार की शाम तक सवा लाख से अधिक लोगों ने दर्शन किया है। मंदिर समिति द्वारा मंदिर के गर्भगृह की दीवारों को रजतयुक्त किये जाने की योजना के तहत 510 ग्राम चांदी भी प्राप्त हुई है। इसके अलावा गेल इंडिया लिमिटेड से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये 8.30 लाख रुपये का दान मंदिर समिति को मिला है। गेल द्वारा मंदिर परिसर के कोटितीर्थ कुण्ड में 14 लाख रुपये के फव्वारे भी लगाये जा रहे हैं।
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