danik bhaskar
Wednesday, 18 January, 2017
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भिण्ड/ग्वालियर:  मध्यप्रदेश के भिंड जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग(पीएचई) में पिछले 5 साल में हुए हैंडपंप खनन के मामलों में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए कलेक्टर ने जांच समिति का गठन किया है। भिण्ड एसडीएम बीबी अग्निहोत्री की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय इस जांच समिति को 10 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट देनी होगी। पिछले दिनों जिला योजना समिति की बैठक में भिण्ड विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह और लहार विधायक डॉ गोविंद सिंह ने प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री और भिण्ड जिले की प्रभारी मंत्री माया सिंह के समक्ष भिण्ड पीएचई में 49 करोड़ रुपए के कथित घोटाले का मामला उठाया था। साथ ही उन्होंने किसी स्वतंत्र एजेंसी से इस घोटाले की जांच कराने की मांग की थी।

इस डिमांड पर प्रभारी मंत्री ने जांच कराने के आश्वासन के साथ ही प्रदेश के पीएचई मंत्री को पत्र लिखने की बात कही थी। कलेक्टर इलैया राजा टी के मुताबिक, जांच समिति को यह देखना होगा कि 5 साल में किन-किन स्थानों पर हैंडपंप का खनन किया गया है। मौके पर हैंडपंप हैं भी या नहीं और अगर हैं, तो किस स्थिति में हैं। साथ ही हैंडपंप व नलकूपों के नाम पर कुल कितनी राशि खर्च की गई है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट के बाद दोषी पाए जाने वाले संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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