danik bhaskar
Thursday, 23 February, 2017
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भोपाल: मध्यप्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश में मौसम की अनुकूलता के कारण ऊर्जा के क्षेत्र में वैकल्पिक व्यवस्थाओं में सौर ऊर्जा का चयन प्रमुखता से किया जा रहा है। मंत्री शुक्ल ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग की समस्या के कारण आज पूरी दुनिया को सौर ऊर्जा का महत्व समझ में आया है। राज्य सरकार सौर संयंत्रों की स्थापना में अग्रणी है। राजेंद्र शुक्ल सोमवार को डिण्डोरी जिले के जनजातीय कल्याण केन्द्र महाकौशल, ग्राम बरगाँव में 11 लाख की लागत से बनने वाले सौर संयंत्र की स्थापना के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर आदिम-जाति कल्याण मंत्री ज्ञान सिंह, लोक स्वास्थ्य राज्य मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री शरद जैन भी मौजूद थे।

ऊर्जा मंत्री शुक्ल ने कहा कि आदिवासी ग्रामों के सर्वांगीण विकास के लिये राज्य सरकार वचनबद्ध है। आदिवासी क्षेत्र के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें, इसके लिये उन्हें राज्य सरकार की ओर से भरपूर सहयोग किया जा रहा है। आज प्रदेश के आदिवासी क्षेत्र के बच्चे राष्ट्रीय-स्तर के शैक्षणिक संस्थान आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों में प्रवेश कर पा रहे हैं। उन्होंने जनजातीय कल्याण केंद्र महाकौशल, बरगाँव सेवा भारती आवासीय विद्यालय कोसमडीह और सलैया में 1-1 सोलर वॉटर हीटर लगवाए जाने की भी घोषणा की है। इस मौके पर शुक्ल ने सेवा भारती आवासीय विद्यालय कोसमडीह में 11 लाख और सेवा भारती शैक्षणिक परिसर ग्राम सलैया में 6 लाख की लागत से बनने वाले सौर संयंत्र की स्थापना का भूमि-पूजन किया है।

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