danik bhaskar
Thursday, 23 February, 2017
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इंदौर: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा पहले धार जिले के पीथमपुर में जलाने की योजना थी, परन्तु सामाजिक संगठनों के विरोध के बाद अब कचरे को अन्यत्र जगह नष्ट करने की वैकल्पिक व्यवस्था की जायेगी। जावड़ेकर ने साइक्लोथान कार्यक्रम के बाद पत्रकारो से चर्चा के दौरान कहा कि भोपाल गैस त्रासदी के जहरीले कचरे को नष्ट करने को लेकर एहतियातन सभी उपाय किये जा रहें हैं। उन्होंने कहा कि पहले धार जिले के पीथमपुर स्थित रामकी प्लांट में यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाये जाने की योजना थी। जिसके फलस्वरूप कुछ कचरा नष्ट करने का प्रारंभिक परीक्षण भी किया गया। लेकिन इस बीच पीथमपुर के स्थानीय लोगों के साथ कुछ सामाजिक संगठनों द्वारा विरोध करने पर कचरा जलाने के फैसले पर रोक लगा दी गयी। उन्होंने माना की इस तरह कचरे का निपटान करने से प्लांट के आसपास चारों और फैली रहवासी बस्तियों के वातावरण पर बुरा असर पड़ सकता है। साथ ही इससे जल, वायु प्रदूषण बढ़ेगा। उन्होंने कहा इस विषय में वैकल्पिक योजना पर कार्य किया जा रहा है। 

 
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