danik bhaskar
Monday, 23 January, 2017
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रायपुर : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सद्भावना को एक बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि शान्ति, एकता और सद्भावना देश के लिए जरूरी ही नही है, बल्कि विकास की भी गारंटी है। मोदी ने वीडियो कांन्फ्रेंसिग के जरिए यहां स्वामी विवेकानन्द की जयन्ती पर आयोजित 5 दिवसीय 20वें राष्ट्रीय युवा सम्मेलन के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि विकास कितना भी करे और ऊंचाईयां हासिल करे पर शान्ति, एकता और सद्भावना के बगैर यह अधूरा है। उन्होने कहा कि देशवासियों में अगर एक दूसरे के प्रति आदरभाव एवं सम्मान का भाव नही होगा, तो शायद देश के विकास में रूकावटें आयेगी। उन्होने कहा कि जिस देश के पास सैकड़ो बोली हो, अनेक भाषा हो, परस्पर सद्भाव और अनगिनत विविधता हो, इसके बाद भी साथ जीने मरने की भावना हो, पूर्वजों की इस विरासत को हमें संजो कर रखना है।
उन्होने स्वामी विवेकानन्द के उपदेशों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले वह देश के लिए मरने की प्रेरणा देते थे आज जीने की प्रेरणा देते है। 21वीं सदी को एशिया की सदी होने का उल्लेख करते हुए उन्होने कहा कि यह सदी हिन्दुस्तान की सदी हो सकती है जब हम युवा शक्ति की ताकत को पहचाने। उनमे राष्ट्र के सपनों को पूरा करने का सामर्थ्य है। उन्होने कहा कि केवल कागज कलम का ही युवाओं में समार्थ्य नही हो बल्कि हाथों में हुनर हो और टेक्नालाजी की मदद हो तो भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनने से कोई ताकत रोक नही सकती।
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