danik bhaskar
Monday, 23 January, 2017
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फाइल फोटो
रायपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर पुलिस के लिए बीता साल 2015 खासी उपलब्धियों से भरा रहा है। पूरे साल के दौरान मुठभेड़ों में पुलिस ने कई शीर्ष नक्सली नेताओं सहित 43 लोगों को मार गिराया गया है। कुल 615 नक्सलियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, वहीं संभाग के सातों जिलों में कुल 318 नक्सलियों ने नक्सल विचारधारा को त्याग कर समाज की मुख्य धारा में शामिल होने के लिए आत्मसमर्पण किया है। बस्तर पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, संभाग के सातों जिलों में साल 2015 में 1 जनवरी से लेकर 30 दिसम्बर तक कुल 162 मुठभेड़ हुईं, जिसमें बस्तर में 8, दंतेवाड़ा में 15, कांकेर में 55, नारायणपुर में 13 और सुकमा में 37 मुठभेड़ हुईं। इन मुठभेडों में पुलिस ने 43 नक्सलियों को मार गिराया। इसके अलावा पुलिस ने पूरे संभाग में अलग-अलग स्थानों पर दर्जन भर से अधिक नक्सली कैम्पों को ध्वस्त किया है। आंकडों के मुताबिक, इस दौरान सर्चिंग अभियान में भी पुलिस ने काफी सफलता हासिल अर्जित की। पुलिस ने 262 आईईडी बरामद की है, वहीं विभिन्न नक्सली कैम्पों में दबिश देकर 289 डेटोनेटर, 118 अन्य हथियार, 700 जिंदा कारतूस, 09 यूबीजीएल सेल, 20 बोरी अमोनियम नाइट्रेट(प्रति बोरी 50 किलो) जब्त किया है। इस वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि अक्टूबर, नवम्बर माह में मिली जब नक्सलियों को सप्लाई किए जा रहे बारूद के जखीरे को पुलिस ने बरामद किया। इस पूरे अभियान पर पुलिस महानिरीक्षक एसआरपी कल्लूरी ने कहा कि जनता के सहयोग के बिना नक्सली समस्या का समाधान संभव नहीं है। वर्तमान में जनता का पुलिस को भरपूर सहयोग मिल रहा है, जिससे पुलिस नक्सलवाद के सफाए की ओर अग्रसर हो रही है।
 
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