danik bhaskar
Monday, 23 January, 2017
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रायपुर : स्टिंग ऑपरेशनों की सीडी से राज्य गठन के बाद से ही छत्तीसगढ़ की राजनीति में उबाल आता रहा है। इसकी चपेट में एक केंद्रीय मंत्री को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी तो अब पूर्व मुख्यमंत्री पर भी पार्टी से छुट्टी होने की तलवार लटक रही है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद पहली बार 2003 में विधानसभा चुनावों के ठीक पहले बड़े स्टिंग आपरेशन का मामला तब सामने आय़ा, जब तत्कालीन केंद्रीय मंत्री और जशपुर राजघराने से ताल्लुक रखने वाले दिलीप सिंह जूदेव की कथित रूप से रिश्वत लेते हुए स्टिंग की हुई सीडी सामने आई थी। अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस ने इसे सार्वजनिक किया था। इसी अखबार ने हाल ही में अन्तागढ़ उप चुनाव में हुई कथित फिक्सिंग कांड की सीडी को भी उजागर किया, जिसकी वजह से राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया।
दिलीप सिंह जूदेव के रिश्वतकांड की सीडी की गूंज की आवाज से पूरा केंद्र भी हिल गया था। तब जूदेव को मंत्रिमंडल से हटना पड़ा था। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने इसे बहुत ही गंभीरता से लिया था और मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरों(CBI) को सौंप दी थी। इस स्टिंग में भी अमित जोगी का नाम आया था। इसी दौरान तत्कालीन भाजपा सांसद पीआर खुंटे अचानक कांग्रेस में शामिल हो गए थे। उस दौरान ऐसी चर्चाएं थी कि उनकी भी स्टिंग कर कोई सीडी बनी थी जिसके भय से उन्होने कांग्रेस में प्रवेश किया था।
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