danik bhaskar
Monday, 20 February, 2017
Updated

रायपुर : छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में खनिज संस्थान न्यास का गठन किया जाएगा जिन्हें राज्य में मुख्य खनिजों के उत्खनन से मिलने वाली रायल्टी राशि का एक निश्चित अतिरिक्त हिस्सा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय में राज्यस्तरीय निगरानी समिति की हुई बैठक में यह जानकारी दी गई है। प्रधानमंत्री खनन क्षेत्र कल्याण योजना के निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप छत्तीसगढ़ में हर जिले में जिला खनिज न्यास संस्थान की स्थापना की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा गौण खनिजों की रायल्टी की शत-प्रतिशत राशि पंचायतों और नगरीय निकायों को पहले से ही दी जा रही है।

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि मुख्य खनिजों के उत्खनन के लिए जिन संस्थाओं को 12 जनवरी 15 के पहले पट्टे स्वीकृत किए गए हैं, उन्हें रायल्टी के साथ उसकी 30 प्रतिशत अतिरिक्त राशि का अंशदान जिला खनिज संस्थान न्यास में करना होगा, वहीं जिन संस्थाओं या आवेदकों को इसके बाद पट्टे स्वीकृत किए गए, उन्हें रायल्टी के साथ 10 प्रतिशत अतिरिक्त अंशदान इसमें करना होगा। न्यास निधि में उपलब्ध राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में खर्च किया जाएगा। यह राशि उन क्षेत्रों के निवासियों के लिए पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य की देखभाल, शिक्षा, कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों की गतिविधियों, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्धों और नि:शक्तजनों के कल्याण सहित स्वच्छता के लिए किया जाएगा। शेष 40 प्रतिशत राशि अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे- भौतिक अधोसंरचना, सिंचाई, बिजली और जल विभाजक विकास तथा राज्य शासन द्वारा समय-समय पर निर्देशित अधोसंरचना विकास के कार्यों में किया जाएगा। बैठक में अन्य लोगों के अलावा कृषि और जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल भी मौजूद थे।

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