danik bhaskar
Tuesday, 28 March, 2017
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रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग की बैठक में वार्षिक योजना का अनुमोदन कर दिया गया है। अगले वित्त वर्ष के लिए अनुमोदित की गई 34 हजार 715 करोड़ की प्रस्तावित वार्षिक योजना में कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी, सिंचाई क्षमता के अधिकतम उपयोग, अच्छे सड़क संपर्क, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उपलब्ध संसाधनों का राज्य में ही उपयोग करने पर ज्यादा जोर दिया गया है। 

 
सोमवार को रायपुर में राज्य योजना आयोग की बैठक में डा.सिंह ने कहा कि समाज की अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के जीवन में शासन की योजना के माध्यम से सकारात्मक परिर्वतन लाना और उस व्यक्ति का समग्र विकास हमारा लक्ष्य है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए शासन के विभिन्न विभागों के बीच और भी अधिक बेहतर तालमेल के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन की जरुरत है। उन्होने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधा वाले क्षेत्रों में अंतिम छोर के किसान के खेत तक पानी पहुंचाने के लिए पक्की नहर नालियों का निर्माण करने के लिए व्यापक अभियान कलेक्टरों के माध्यम से क्रियान्वित किया जाना चाहिए। इस अभियान के लिए जरूरी संसाधन जलसंसाधन विभाग सहित पंचायत और ग्रामीण विभाग तथा अन्य स्त्रोतों से भी उपलब्ध करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। 
 
उन्होंने कहा कि नहरों की मरम्मत से जहां सिंचाई के लिए पानी का बेहतर उपयोग हो सकेगा वहीं खेती के रकबे में भी वृद्धि होगी। सिंचाई के पानी के बेहतर उपयोग के लिए किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर से सिंचाई के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महानदी, शिवनाथ, शबरी, अरपा नदियों में लगभग 400 से 500 एनीकटों को निर्माण कराया गया है। राज्य सरकार एनीकटों के किनारे के किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पम्प वितरित करेगी इस माध्यम से भी प्रदेश में खेती के रकबे में वृद्धि होगी। सुकमा जिले में कैम्पा मद से प्रथम चरण में 200 सौर सिंचाई पम्प वितरित किए जाएंगे।
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