danik bhaskar
Monday, 20 February, 2017
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रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की एक अदालत ने राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चन्द्राकर के खिलाफ एक महिला की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया। रायपुर जिला न्यायालय के न्यायिक दंडाधिकारी शान्तनु देशलहरा ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्था निमोरा की पूर्व संकाय सदस्य डा.मनजीत कौर बल के परिवाद को सुनवाई के लिए स्वीकारते हुए इस पर साक्ष्य के लिए सात जनवरी को नियत की है। अदालत ने इस बारे में 156(3)के तहत पुलिस थाने को प्राथमिकी दर्ज करने तथा विवेचना करने के किए गए अनुरोध को स्वीकार नही किया। याचिका कर्ता ने मंत्री एवं एक सेवानिवृत उप संचालक भवानीशंकर तिवारी के खिलाफ लैगिंग उत्पीड़न समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर जांच का आदेश करने की मांग की थी। अदालत ने मामले में सुनवाई कल ही पूरी कर ली थी आज,उसने याचिका को सुनवाई के लिए तो स्वीकार कर लिया पर पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देने के अनुरोध को नही स्वीकारा। अधिवक्ताओं के अनुसार याचिका के पक्ष में याचिकाकर्ता को अदालत के समझ साक्ष्य पेश करना होगा ,जिससे सन्तुष्ट होने पर ही अदालत आरोपियों को नोटिस करने या फिर मामले को खारिज करने का निर्णय लेगी।अभी फिलहाल अदालत ने केवल याचिका सुनवाई के लिए स्वीकारी है,और जब तक वह मंत्री के खिलाफ नोटिस जारी नही करती,या फिर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने जैसे आदेश नही देती,यह सामान्य अदालती प्रक्रिया है।

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