danik bhaskar
Monday, 20 February, 2017
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जगदलपुर/रायपुर : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में लाचार मां के सामने दुधमुंहे बच्चे की नृशंस हत्या के विरोध में किलेपाल और कोड़ेनार ब्लाक मुख्यालय में स्कूली विद्यार्थियों ने जंगी रैली निकाल नक्सलियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। रैली में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल थे, जो नक्सल विरोधी तख्तियां थामे हुए थे। विद्यार्थी नक्सलियों से "निर्दोषों की हत्या करना बंद करो, नक्सली मुख्यधारा से जुड़ो' के गगनभेदी नारे लगा लगा रहे थे। इसके अलावा "ये नक्सली हत्यारे हैं, देश द्रोही ये सारे हैं।' "हम बच्चों की यही पुकार, बंद करो ये अत्याचार।' "मानव नहीं ये अमानव हैं छत्तीसगढ़ के दानव हैं।' "नक्सलवाद त्यागो, लोकतंत्र के मार्ग को अपनाओ।' जैसे नारे प्रदर्शनकारियों के द्वारा लगाए जा रहे थे।

बस्तर पुलिस रेंज के DIG एसआरपी कल्लूरी ने कहा कि मृत 4 माह के बच्चे का शव पुलिस ने निकालकर बीजापुर जिला अस्पताल में पीएम करवा लिया है। मृतका के पूरे परिवार को पुलिस सरंक्षण में तोड़का से बीजापुर लाया गया है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों की इस नीच हरकत से उनका असली राक्षसी चेहरा सामने आया है। इस मामले में बस्तर पुलिस अधीक्षक आरएन दास ने कहा कि नक्सली हिंसा के खिलाफ बच्चों का गुस्सा फूटा है और अब नक्सली नीचता पर उतर आये हैं। लोगों के आक्रोश से यह स्पष्ट हो गया है कि बस्तर की जनता नक्सलियों के जुल्मों-सितम से बेजार हो चुकी है और पूरी तरह से नक्सलियों को खदेड़ना चाहती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि काश जो नेता नक्सलियों के हिमायती बनते हैं, उनको इन मां-बाप के बेबस चेहरे दिखाई देते, जिनके सामने अबोध मासूम को निर्दयता से मार डाला गया है। उन विधवा औरतों के मायूस चेहरे दिखते, जिनके सुहाग नक्सलियों ने उजाड़े हैं, आखिर इनका क्या दोष है। 

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