danik bhaskar
Monday, 23 January, 2017
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कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला पुलिस ने फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर बेरोजगारों को ठगने के आरोप में एक गिरोह का पर्दाफाश कर 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। पूरे प्रदेश भर में ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले इन अपराधियों के खिलाफ कोरबा जिले में भी तीन मामले दर्ज है। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अमरेश मिश्रा ने आज बताया कि बिलासपुर जिला अंतर्गत ग्राम सीस निवासी मनीष कुमार जायसवाल ने गत 10 दिसंबर को रामपुर चौकी में ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मनीष ने बताया कि विनोद खांडे एवं कपिल वारे ने खुद को मंत्रालय का कर्मचारी बताते हुए उसे तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर झांसा दिया। मनीष ने उनके झांसे में आकर जिला पंचायत कोरबा में डाटा एंट्री आपरेटर के पद पर अपनी बहन की नौकरी लगाने 5 लाख रुपए आरोपियों को दे दिए। आरोपियों ने पैसे लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। इस बात की जानकारी मनीष को उस समय हुई जब उसकी बहन नियुक्ति पत्र लेकर जिला पंचायत कोरबा पहुंची। झांसा का खुलासा होने पर उसने रामपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर गिरोह के सदस्यों कपिल देव वारे विनोद कुमार खांडे डॉ. एम कुमार विजय कुमार श्रीवास शिवरीनारायण धीरज अवस्थी ,जयप्रकाश बंजारे गिरफ्तार कर लिया पुलिस अधीक्षक के अनुसार इसी तरह उरगा थाने में दर्ज चंदराम सोनवानी एवं महेन्द्र कुमार मधुकर की दो अलग-अलग रिपोर्टों के आधार पर दो अन्य आरोपी परसराम खाण्डे और प्रमोद खांडे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी परसराम खांडे एसईसीएल में कार्यरत है। उन्होंने बताया कि आरोपियों से भारी मात्रा में फर्जी नियुक्ति आदेश, कई युवकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, रुपए लेन-देन के कागजात, डायरी, रजिस्टर, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, बैंक जमा पूंजी, पैन कार्ड, नौकरी हेतु भरे गए आवेदन पत्र फार्म, फोटो व अन्य सामग्री जब्त की है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह के सदस्यों द्वारा बेरोजगार युवकों को जो आदेश पत्र व नियुक्ति पत्र दिया जाता था वह हूबहू असली की तरह दिखता था। संबंधित विभाग, कार्यालय, क्रमांक, दिनांक, सील मुहर आदि फर्जी हस्ताक्षर के साथ असली पत्रों की तरह ही बेरोजगारों को थमा दिया जाता था। जिससे बेरोजगार झांसे में आ जाते थे। बाद में संबंधित विभाग में नियुक्ति पत्र लेकर जाने के बाद बेरोजगारों को अपने साथ हुई ठगी का पता चलता था। उन्होंने बताया कि ठग गिरोह ने प्रदेश भर के बेरोजगार युवकों को निशाना बनाया है। उनके साथ लाखों की ठगी की है। आरोपियों ने छत्तीसगढ के कोरबा के अलावा बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बलौदाबाजार तथा अन्य जिलों में भी ठगी की घटना को अंजाम दिया है। 

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