danik bhaskar
Monday, 23 January, 2017
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रायपुर :छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 26 से 28 दिसम्बर तक 3 दिवसीय ‘राष्ट्रीय कृषि मेला छत्तीसगढ़ 2015’ का आयोजन किया जाना है। राज्य के कृषि विभाग द्वारा भारतीय उद्योग परिसंघ और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित इस मेले के लिए व्यापक तैयारी शुरू हो गई हैं। कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को रायपुर में मेले से जुड़े विभागों और संस्थाओं के अधिकारियों और प्रतिनिधियों की बैठक लेकर मेले की तैयारियों की समीक्षा की।

कृषि मंत्री श्री अग्रवाल ने बैठक में कहा कि यह मेला छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खेती-किसानी में नवाचार करने प्रेरणादायक बनेगा। मेले में किसानों को छत्तीसगढ़ के लिए उपयुक्त फसलों के साथ-साथ पशु पालन, मछली पालन, उद्यानिकी, जैविक खेती, सूक्ष्म सिंचाई के व्यवहारिक शिक्षण-प्रशिक्षण मिलना चाहिए। इन सभी क्षेत्रों के देश-प्रदेश के विशेषज्ञों को आमंत्रित कर यहां के किसानों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाना है। उन्होनें कहा कि प्रदेश के प्रगतिशील किसानों के साथ-साथ खेती-किसानी से संबंधित संस्थाओं की भागीदारी पर्याप्त मात्रा में होनी चाहिए।श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभागीय स्टालों के आस-पास ही इन संस्थाओं की प्रदर्शनी के स्टाल भी लगाए जाएं। इसके साथ ही कृषि, पशु पालन, मछली पालन, उद्यानिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। अग्रवाल ने मेला स्थल पर बनने वाले मण्डपों में एल.ई.डी.के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

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