danik bhaskar
Monday, 20 February, 2017
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रायपुर : छत्तीसगढ़ के कृषि विभाग ने मिट्टी की जांच संबंधी एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत सरकार ने बड़े पैमाने पर मिट्टी के स्वास्थ्य की जांच करने की तैयारी की है। अगले 3 सालों में 8.78 लाख मिट्टी के नमूनों की जांच का लक्ष्य रखा गया है, वहीं गत 3 वर्षों में 8.18 लाख मिट्टी के नमूनों की जांच की गई है। शनिवार को विश्व मृदा दिवस के अवसर पर इस जांच की शुरुआत की जा रही है। कृषि विभाग ने किसानों को अधिक से अधिक मिट्टी की सेहत की जांच कराने को कहा है।

गौरतलब है कि 5 दिसंबर को प्रदेश भर में विश्व मृदा दिवस से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विश्व मृदा दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम राजधानी रायपुर के शासकीय कृषि महाविद्यालय के सभागार में आयोजित किया जा रहा है। कृषि विभाग और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त रूप से होने वाले इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अन्तर्गत एक दिवसीय मिट्टी स्वास्थ्य कार्यशाला आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह 5 दिसम्बर को दोपहर 1 बजे इस कार्यशाला की शुरुआत करेंगे। कार्यशाला के अंतर्गत प्रथम सत्र में इसी सभागार में सवेरे 10.30 बजे से वैज्ञानिकों का तकनीकी सत्र होगा।

कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि विश्व मृदा दिवस पर जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। जिलों में कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केन्द्रों के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में संबंधित जिलों के 500 किसानों को मिट्टी स्वास्थ्य पत्रकों का वितरण किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्षों के साथ-साथ अन्य जनप्रतिनिधियों और किसानों की भागीदारी रहेगी। सभी विकासखण्डों और ग्राम पंचायत स्तर पर भी विश्व मृदा दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रम रखे गए हैं। विकासखण्डों में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा मिट्टी स्वास्थ्य सुधार एवं संवर्धन के बारे में किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाएगा। पंचायत राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को इन कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाएगा। मंत्री अग्रवाल ने बताया कि विश्व मृदा दिवस के मौके पर प्रदेश भर में लगभग 25 हजार किसानों को मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है।

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